खजुराहो के बारे में जानकारी - Khajuraho in Hindi

खजुराहो के बारे में जानकारी - Khajuraho in Hindi

मध्य प्रदेश में स्थित खजुराहो शहर, पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है, जो छतरपुर जिले के अंतर्गत आता है। ऐतिहासिक मंदिरों के लिए विश्वप्रसिद्ध खजुराहो शहर को प्राचीनकाल में खजूरपुरा और खजूर वाहिका नाम से जाना जाता था। प्राचीन हिन्दू और जैन मंदिर स्थित होने के कारण खजुराहो शहर को युनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) की सूची में सन 1986 में खजुराहो स्मारक समूह (Khajuraho Group of Monuments) नाम से शामिल किया गया। मध्यकालीन शैली से निर्मित खजुराहो के मंदिर अद्भुत चित्रकारी के कारण देश- विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं। ये मंदिर तीन समूहों पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी और दो भिन्न धर्म (हिन्दू और जैन) के रूप में विभाजित हैं। चौसठ योगिनी मंदिर, जावेरी मंदिर, देवी जगदम्‍बा मंदिर, विश्‍वनाथ मंदिर, कंदरिया महादेव मंदिर, लक्ष्‍मण मंदिर व अन्‍य, यहां के प्रसिद्ध व प्रमुख आकर्षण हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं।

खजुराहो के बारे मे -

खजुराहो साड़ियों और टेक्सटाइल के लिए प्रसिद्ध है, इसके अलावा पर्यटक यहाँ से पीतल और तांबे के गहनों के साथ साथ पारंपरिक हस्तशिल्प का सामान भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा दिसंबर के महीने में ट्राईबल और फॉक संग्रहालय द्वारा एक कार्यशाला आयोजित की जाती है, जिसमें कारीगर अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हैं। उनकी इन कला के नमूनों को भी खजुराहो के बाज़ारों से खरीदा जा सकता है।

खजुराहो की यात्रा सुविधाएं -

  • दानपेटी में ही दान दें। लोकल गाइड्स या किसी अन्य के बहकावे में ना आएं

  • स्मारकों, पार्क व अन्य का भ्रमण करते समय कैमरा साथ रखें, ताकि यहां बिताए हुए यादगार पलों को कैद किया जा सकें

  • खजुराहो का भ्रमण करने के लिए होटल बुकिंग और यात्रा टिकट समय रहते करवाएं और यात्रा से पहले सुनिश्चित करें

  • बाजार में खरीदारी या घूमते समय जेबकतरों से सावधान रहें

  • संग्रहालय में घूमते समय किसी भी वस्तु को न छुएं, ऐसा करने पर आपको या ऐतिहासिक वस्तुओं को नुकसान पहुंच सकता है

खजुराहो का इतिहास -

लगभग 1000 साल पुराने इतिहास के साथ, खजुराहो शहर आज विश्वविख्यात है, जो चंदेल शासकों की पहली राजधानी रहा। खजुराहो शहर की स्थापना राजा चन्द्रवर्मन ने की थी। मध्यकाल में निर्मित खजुराहो के मंदिरों की स्थापना, चंदेल वंश के शासकों ने 950 से 1050 ई॰ के बीच करवाई थी। प्राचीनकाल में मंदिरों की संख्या लगभग 85 थी, लेकिन अब सिर्फ 22 मंदिर ही बचे हैं।

खजुराहो की सामान्य जानकारी -

  • राज्य - मध्य प्रदेश

  • स्थानीय भाषाएँ - राजस्थानी  हिंदी, अंग्रेज़ी

  • स्थानीय परिवहन - टेम्पो, रिक्शा, साइकल, ऑटो, रेल, बस आदि

  • पहनावा - औरतें यहां साड़ी, सूट पहनती हैं और आदमी कुर्ता- पजामा, पैंट शर्ट

  • खान-पान - खजुराहो में बहुत से रेस्तरां हैं जहाँ भारतीय खाने के साथ साथ यूरोपियन और चाइनीज खाना भी मिलता है। पर्यटक यहाँ काजू बर्फी, जलेबी, लवंग लतिका, कुसली और मूंग दाल का हलवा जैसी मिठाइयों का स्वाद भी चख सकते हैं 

खजुराहो के प्रमुख त्यौहार -

  • खजुराहो नृत्‍य महोत्‍सव - Khajuraho Dance Festival

खजुराहो नृत्‍य महोत्‍सव, हर साल मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित किया जाता है। यह महोत्‍सव फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर मार्च से पहले सप्ताह तक चलता है, जहां भारत के कोने कोने से आए नर्तक (डांसर), शास्त्रीय नृत्य जैसे कत्थक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मणिपुरी व अन्य का प्रदर्शन खजुराहो मंदिर समूह के प्रांगण में करते हैं।

खजुराहो कैसे पहुंचें -

  • हवाई मार्ग - By Flight

खजुराहो एयरपोर्ट, खजुराहो का सबसे नजदीकी हवाई- अड्डा है, जो खजुराहो से लगभग 4 और छतरपुर जिले से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। यह एक घरेलू हवाई- अड्डा है। भोपाल का राजा भोज हवाई अड्डा निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

  • रेलवे मार्ग - By Train

खजुराहो रेलवे स्टेशन यहाँ का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं, जो शहर से लगभग 3 किमी॰ की दूरी पर स्थित है, जहां से बस या कैब द्वारा अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा झांसी या सतना जंक्शन पहुंचकर भी खजुराहो जाने के लिए टैक्सी, बस या निजी वाहन आसानी से मिल जाते हैं।

  • सड़क मार्ग - By Road

खजुराहो शहर, देश के दूसरे बड़े व महत्त्वपूर्ण शहरों से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 75 (NH 75) द्वारा भली- भांति जुड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त राज्य परिवहन निगम ने भी राज्य बस सेवा का इंतजाम किया है। खजुराहो बस स्टेशन यहां का सबसे करीबी बस अड्डा है।

खजुराहो घूमने का समय -

खजुराहो, भारत के सभी महत्त्वपूर्ण शहरों से सड़क, रेल तथा हवाईमार्ग से भली- भांति जुड़ा हुआ है।

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