उदयपुर

उदयपुर

राजस्थान राज्य में महाराणा उदयसिंह द्वारा बसाए गए, उदयपुर (Udaipur) शहर को "पूर्व का वेनिस" (Venice of the East) और "राजस्थान का कश्मीर" (Kashmir of Rajasthan) जैसे नामों से भी जाना जाता है। झीलों, उद्यानों, फूलों और महलों से घिरे इस शहर को प्रकृति ने अद्भुत सौंदर्य से नवाज़ा है। माना जाता है कि उदयसिंह ने मुगलों के हमलों से बचने के लिए इस शहर को बसाया था। पर्यटकों के लिए इस शहर में सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतेह सागर, जग मंदिर आदि दर्शनीय स्थल हैं।

उदयपुर को झीलों का शहर भी कहते हैं। झीलों के साथ दूर तक फैले रेगिस्तान का अनोखा संगम कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। अरावली पहाड़ी के पास स्थित इस शहर के दर्शनीय स्थल सिसोदिया राजपूत शासकों की कला और वास्तुकला प्रेम को उजागर करते हैं।


उदयपुर के बारे मे

यहाँ पर्यटकों को सड़क के किनारे लगे छोटे-छोटे ठेलों से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक राजस्थान के हर रंग देखने को मिलेंगें, जहाँ से आप रंगबिरंगे कपड़े, चांदी के गहने, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी के खिलौने, हस्तनिर्मित वस्तुएं, सजावटी सामान आदि खरीद सकते हैं।

उदयपुर की यात्रा सुविधाएं

  • गर्मियों में यहाँ अत्यधिक गर्मी होती है, इस समय यात्रा की योजना न बनायें
  • सिटी पैलेस में लाइट और साउंड शो देख सकते हैं
  • बाज़ार में कुछ खरीदने से पहले मोलभाव जरूर कर लें
  • बिना मीटर के वाहन में बैठने से पहले किराया तय कर लें

उदयपुर का इतिहास

इस शहर को सन् 1559 में शिशोदिया राजवंश के वंशज महाराणा उदयसिंह ने स्थापित किया था।  उदयपुर शहर शिशोदिया राजवंश द्वारा ‌शासित मेवाड़ की राजधानी रही है।

उदयपुर की सामान्य जानकारी

  • राज्य - राजस्थान
  • स्थानीय भाषाएँ - मेवाड़ी, राजस्थानी, हिंदी, अंग्रेजी
  • स्थानीय परिवहन - टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, तांगा, बस
  • पहनावा - यहाँ की महिलाएं घाघरा-चोली और सिर से चुन्नी ओढ़ती हैं और यहाँ के पुरुष धोती कुर्ता पहनते हैं।
  • खान-पान - दाल बाटी चूरमा, आपको पूरे राजस्थान में मिल जाएगा। इसके अलावा सूखा आम जिसे हर व्यंजन में डाला जाता हैं और सांगरी यहाँ की लोकप्रिय सब्जी है।

उदयपुर के प्रमुख त्यौहार

  • मेवाड़ उत्सव (Mewar Festival)- मार्च अप्रैल के महीने में यह त्यौहार बसंत ऋतु के स्वागत के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार विशेषतौर पर महिलाओं का होता है जब वे रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर उत्सुकता से इस उत्सव में भाग लेती हैं।
  • शिल्पग्राम मेला (Shilpgram Fair)- उदयपुर शहर से करीब 3 किमी दूर है शिल्पग्राम गाँव, जहाँ प्रत्येक वर्ष नवंबर या दिसम्बर महीने में इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। शिल्पग्राम गाँव को शिल्पकारियों- कारीगरों का स्थान कहा जाता है जहाँ आकर पर्यटक कई हस्तनिर्मित वस्तुएं खरीद सकते हैं।