नई दिल्ली

नई दिल्ली

ऐतिहासिकता, आधुनिकता और मिली-जुली संस्कृति का संगम है दिल्ली (Delhi)। भारत देश की ये राजधानी, यमुना नदी के किनारे स्थित है। जहाँ एक ओर यहाँ कभी मुगलों, लोधी और तुगलक वंश के होने के साक्ष्य, ऐतिहासिक इमारतों से मिलते हैं तो वहीँ बड़े-बड़े मॉल, नवनिर्मित बिल्डिंग्स और मेट्रो ट्रेन आधुनिकता को झलकाती हैं। रही बात मिली-जुली संस्कृति की, तो वो आपको यहाँ के पकवानों, लोगों के पहनावे, दीपावली के पटाखों, ईद की अज़ानों, क्रिसमस प्रेयर और गुरुद्वारों की अरदास में छुपी मिल जाएगी। दिल्ली में एक ओर जहाँ स्टाइलिश कपड़ों से भरी सरोजनी नगर मार्केट (Sarojini Nagar Market) है तो वहीँ मोलभाव के लिए मशहूर जनपथ मार्केट (Janpath Market) भी है, अगर आप लोटस टेम्पल (Lotus Temple) की शांति से प्रभावित हैं तो आपको एक बार निजामुद्दीन (Nizamuddin) की कवाली के सुरों में जरुर खोना चाहिए। चांदनी चौक में देसी पकवानों की महक, तो थाई-कॉन्टिनेंटल-चाइनीस फ़ूड से सजे रेस्टोरेंट्स, आपकी यात्रा में स्वाद की कमी नहीं होने देंगे। क़ुतुब मीनार की ऊंचाई और इंडिया गेट की निरंतर जलती रहने वाली अमर जवान ज्योति, अनुभव कीजिये दिल्ली के इन अनेक रंगों का और यक़ीनन आपको भी दिल वालों की नगरी से प्यार हो जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण दिल्ली, राजनीति का केंद्र है। यहाँ आपको संसद भवन, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भवन के साथ-साथ सभी प्रमुख मंत्रालय भी देखने को मिलेंगे।

नई दिल्ली के बारे मे

लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, कमला मार्केट, जनपथ मार्केट, पालिका बाजार दिल्ली शहर की मुख्य शॉपिंग मार्केट्स हैं। इसके अलावा यहाँ कई मॉल्स भी हैं।

नई दिल्ली की यात्रा सुविधाएं

  • दिल्ली का मौसम बदलता रहता है। जिस भी मौसम में जा रहे हैं उस मौसम के हिसाब से ही कपड़े रखें।
  • कहीं भी जाते समय अपने सभी पहचान पत्र अपने साथ रखें।

नई दिल्ली का इतिहास

इन्द्रप्रस्थ, दिल्ली का प्राचीन नाम था और यही महाभारतकाल में पांडवों की राजधानी थी। इस शहर पर खिलजी, तुग़लक, सैय्यद, लोधी और मुग़ल शासकों ने शासन किया था।
पानीपत की लड़ाई में मुग़ल सम्राट बाबर ने लोधी वंश के आखिरी शासक इब्राहिम लोधी को पराजित कर दिल्ली शहर की सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत पर कब्ज़ा करने के साथ ही मुगलों के करीब 300 साल के समृद्ध शासनकाल का अंत हुआ। सन् 1947 में भारत देश की स्वतंत्रता के साथ इस शहर ने भी आजादी का सूर्योदय देखा।

नई दिल्ली की सामान्य जानकारी

  • राज्य- दिल्ली
  • स्थानीय भाषाएँ- हिंदी, पंजाबी, उर्दू, अंग्रेज़ी
  • स्थानीय परिवहन- बस, मेट्रो व टैक्सी
  • पहनावा- मिली-जुली संस्कृति होने के कारण दिल्ली शहर में महिलाएं साड़ी, सूट से लेकर जींस तक पहनती हैं। पुरूष यहाँ ज्यादातर कुर्ता- पायजामा, जींस, पैंट-शर्ट पहनते हैं।
  • खान-पान- दिल्ली में फाइव स्टार रेस्टॉरेंट्स से लेकर छोटे मोटे फूड स्टॉल्स तक की कमी नहीं है। नॉर्थ-इंडियन, साऊथ इंडियन, चाइनीज़, थाई, मुगलई जैसे अनेक प्रकार के खाने के होटल दिल्ली में आसानी से मिल जाएंगे। स्ट्रीट फूड में आप यहाँ पाव भाजी, मोमोज़, आलू-चाट, छोले-कुलचे, भेल-पुरी आदि का स्वाद चख सकते हैं।

नई दिल्ली के प्रमुख त्यौहार

  • गणतंत्र दिवस (Republic Day)-  26 जनवरी को हर साल देश की राजधानी दिल्ली में रिपब्लिक डे यानि “गणतंत्र दिवस” मनाया जाता है। 26 जनवरी सन् 1950 को भारत में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान लागू किया गया था। राजपथ पर लगभग तीन घंटे तक चलने वाली इस शानदार परेड (Parade) में भारतीय राज्यों की झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मिलिट्री बाइक शो को देखने देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं।
  • कुतुब फेस्टिवल (Qutub Festival)- शास्त्रीय संगीत और नृत्य पर आधारित कुतुब फेस्टिवल, दिल्ली शहर के महरौली क्षेत्र में स्थित कुतुब मीनार के परिसर में आयोजित किया जाता है। इस उत्सव का आयोजन अक्टूबर महीने में दो दिन के लिए किया जाता है। कुतुब समारोह का मक़सद ऐतिहासिक स्मारक कुतुब मीनार की भव्यता को दर्शाना है और लोगों तक इसके अतीत को पहुंचाना है। देश-विदेश से पर्यटक इस समारोह में हिस्सा लेने आते हैं।