श्रीनगर

श्रीनगर

हाऊसबोट, कलकल करती झीलें, सुंदर बगीचे, लकड़ी की मस्जिदें और हल्का गुलाबी मौसम, अपनी इन आकर्षक खूबियों के कारण श्रीनगर (Srinagar) देश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ-साथ यह राज्य का सबसे बड़ा शहर भी है। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद श्रीनगर ही होती है। श्रीनगर दो अलग शब्दों से मिलकर बना है- श्री और नगर। श्री का अर्थ होता है समृद्धि अथवा धन की देवी लक्ष्मी और नगर का मतलब होता है शहर। इस प्रकार श्रीनगर का अर्थ- धन की देवी लक्ष्मी का शहर या एक ऐसा शहर जो हर प्रकार से धनी हो।
श्रीनगर खूबसूरती, इतिहास, धर्म का मिला जुला रूप है। श्रीनगर में तीन दिशाओं से पहाड़ियों से घिरी डल झील राज्य की दूसरी बड़ी झील है और इस झील को श्रीनगर शहर का श्रृंगार भी कहा जाता है। निशात बाग, शालीमार बाग, चश्मा शाही, हज़रतबल दरगाह और परी महल श्रीनगर के अन्य प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं।


श्रीनगर के बारे मे

श्रीनगर शहर का कश्मीरी हस्तशिल्प और सूखे मेवे विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। डल झील में रोजाना सुबह लगने वाली सब्जियों व फलों की मार्केट भारत की अकेली अपने जैसी तैरती मार्केट है। इसे फ्लोटिंग मार्केट के नाम से भी पुकारा जाता है। इसके अलावा लाल चौक यहां की एक मशहूर मार्केट है। यहां से पर्यटक पश्मीना शॉल, चांदी के आभूषण, कार्पेट्स, सिल्क, लोकल हैंडीक्राफ्ट आदि खरीद सकते हैं।

श्रीनगर की यात्रा सुविधाएं

  • पहाड़ों पर सफ़र न कर पाने वालों के लिए हवाई-सफर ज्यादा ठीक रहेगा
  • जिन जगहों पर जाने की मनाही हो, वहाँ न जाएँ
  • हाई-हील्स की जगह शूज़, बूट्स आदि रखें
  • अपने साथ अपने पहचान पत्र दस्तावेज़ हमेशा रखें

श्रीनगर का इतिहास

श्रीनगर शहर का इतिहास बहुत पुराना है। इतिहासकारों के मुताबिक, राजा परावरशना द्वितीय ने लगभग 2000 साल पहले यहां शहर बसाया था जिसका नाम रखा था परवासेनपुर। सम्राट अशोक के शासनकाल में जिसे बदलकर "श्रीनगरी" कर दिया गया। सम्राट अशोक ने तब कश्मीर में बौद्ध धर्म का संचालन किया था। मौर्य वंश के पतन के बाद यहां कुषाण साम्राज्य का आगमन हुआ। फिर यह शहर मुस्लिम शासकों के अधीन हुआ। श्रीनगर में मुस्लिम साम्राज्य फैलाने वाले मुगल शासक अकबर पहले राजा थे। मुगल शासक  औरंगज़ेब की सन् 1707 में मृत्यु के बाद कश्मीर पर दुर्रानी साम्राज्य का राज हुआ। सन् 1814 में सिख महाराजा रणजीत सिंह ने श्रीनगर पर फतह हासिल की और शहर सिख सत्ता में आया। 1846 से आजादी तक श्रीनगर पर अंग्रेजों का शासन रहा।

श्रीनगर की सामान्य जानकारी

  • राज्य- जम्मू-कश्मीर
  • स्थानीय भाषाएँ- हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, डोगरी, कश्मीरी
  • स्थानीय परिवहन- जीप, बस, बाइक, बोट्स
  • पहनावा- श्रीनगर में आदमी और औरत दोनों ही फिरन पहनते हैं। यह ढीला व गाऊन की तरह होता है जो गर्म कपड़े से बनता है और कपड़ों के ऊपर पहना जाता है। इसके अलावा यहां शलवार-कमीज़, चूड़ीदार-कुर्ता, गुरगबी आदि पहना जाता है।
  • खान-पान- श्रीनगर राज्य में लोग चावल खाना ज्यादा पसंद करते हैं। यहां आमतौर पर हर खाने की डिश को चावल के साथ ही खाया जाता है। यहां आमतौर पर हर डिश में मटन के साथ सब्जियां मिलाकर पकाते हैं। श्रीनगर की कहवा और ग्रीन टी देश भर में प्रसिद्ध है। हर खास मौके पर यहां वाज़ावां, रोगन जोश, सीख कबाब आदि डिश पकाई जाती हैं।

श्रीनगर के प्रमुख त्यौहार

  • उर्स त्यौहार (Urs Festival)- उर्स को जियारत भी कहते हैं। यह एक कश्मीरी त्यौहार है जो हर साल मुस्लिम संतों की बरसी के तौर पर मनाया जाता है। श्रीनगर के अलग-अलग हिस्सों में मनाए जाने वाले इस त्यौहार में मुस्लिम, हिंदू व सिख सभी हिस्सा लेते हैं। इस त्यौहार के दौरान लोग गोश्त खाने से परहेज़ करते है। अलग-अलग मज़हब के लोगों द्वारा एकसाथ मनाए जाना इस त्यौहार की खासियत है।
  • गुरेज़ त्यौहार (Gurez festival)- हर साल जुलाई के महीने में श्रीनगर शहर में दो दिनों के लिए गुरेज़ त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार यहां के स्थानीय समुदाय गुरेज़ द्वारा मनाया जाता है जिसमें वह पारंपरिक लोक नृत्य करते हैं। श्रीनगर आने वाले कई पर्यटक भी इस त्यौहार का हिस्सा बनते हैं। साथ ही इस दौरान यहां वॉटर रॉफ्टिंग कॉम्पिटीशन (Water Rafting Competition) का भी आयोजन किया जाता है।