शिमला

शिमला

सुंदर घाटियों और पहाड़ियों से घिरा शिमला (Shimla), प्रकृति का एक अद्भुत उपहार है। यह शहर भारत देश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है जो ब्रिटिश काल की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने का ताज पहने हुए है। यहाँ आकर और इसके सौन्दर्य को करीब से देखकर, अनुमान लगाया जा सकता है कि क्यों अंग्रेजों का 
दिल इस शहर पर आया था।

लम्बी सड़कें, घुमावदार रोड, हरे-भरे पहाड़, निर्मल झरने, शांत झीलें, ऊंचीं चोटियाँ और यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित की गयी कालका-शिमला टॉय ट्रेन (Kalka-Shimla Toy Train) का सफ़र, प्रकृति के ऐसे ही कई खूबसूरत रंगों से सजा है शिमला, जो पर्यटकों को कभी न भूलने वाली यादें देता है।

वातावरण को प्रदुषण मुक्त रखने के लिए शहर के मध्य में गाड़ियों के आने-जाने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है लेकिन बिना गाड़ियों के सुंदर वादियों के बीच, पहाड़ों को निहारते हुए चलना ही आपको सुकून से भर देता है। शहर के केंद्र में स्थित स्कैंडल पॉइंट (Scandal Point) के सामने खुला भाग रिज (The Ridge) है, जोकि पूर्व में क्राइस्ट चर्च तक फैला है। यहीं शहर के पारंपरिक उत्सव और कार्यक्रम होते हैं। सर्दियों में सफ़ेद बर्फ की चादर, शिमला को और भी आकर्षित और मनोरम बना देती है।

शिमला के बारे मे

लक्कर बाज़ार लकड़ी की चीज़ों के लिए प्रसिद्ध है तो माल रोड से हिमाचली शॉल के लिए, लोअर बाज़ार से दिनप्रतिदिन की वस्तुएं और तिब्बत मार्किट से इम्पोर्टेड इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और फैंसी वस्तुए वस्तुएं खरीद सकते हैं।

शिमला की यात्रा सुविधाएं

  • शिमला एक छोटा और खूबसूरत शहर है, गाड़ी या बस की जगह पैदल यात्रा करें
  • पॉलिथीन का प्रयोग न करें
  • कुछ भी खरीदने से पहले मोलभाव जरूर करें
  • कहीं भी जाएँ कैमरा जरूर साथ लें
  • सुरक्षित सफ़र के लिए मार्गों पर दिए निर्देशों का पालन करें
  • बरसात के मौसम में पहाड़ों पर और नदी या झील के किनारे न जाएँ

शिमला का इतिहास

इस शहर के नाम की उत्पत्ति को लेकर कई मान्यताएं हैं उनमें से एक के अनुसार, "शिमला" नाम माँ काली के अवतार "श्यामला" से प्रेरित है जिसका अर्थ है "नीली औरत"। माँ काली का मंदिर जाखू पहाड़ी पर स्थित था जिसे अंग्रेजों ने वर्तमान में काली बाड़ी मंदिर में स्थानांतरित कर दिया था।

सन् 1819 में लेफ्टिनेंट रोस ने यहाँ एक लकड़ी का कॉटेज बनवाया था और 1821 में मेजर कैनेडी ने यहाँ एक आलीशान कोठी का निर्माण करवाया। सन् 1829 में लॉर्ड एम्ह्सर्ट के बाद से यहाँ यूरोपीय बसने शुरू हो गये थे। आज़ादी के बाद शिमला पंजाब की राजधानी बना और बाद में यह हिमाचल प्रदेश की राजधानी बन गया।

शिमला की सामान्य जानकारी

  • राज्य- हिमाचल प्रदेश
  • स्थानीय भाषा- हिमाचली (पहाड़ी), हिंदी और अंग्रेजी
  • स्थानीय परिवहन- बस, ऑटो, टैक्सी
  • पहनावा- यहाँ के पुरुष और महिलायें घुटने तक का लम्बा कुर्ता और पजामा पहनते हैं, पुरुष सिर पर हिमाचली टोपी और महिलाएं दुपट्टे को अपने सिर पर बांधती हैं। ठंडा इलाका होने के कारण ऊनी कपड़ों का प्रयोग अधिक किया जाता है।
  • खान-पान- हिमाचल की स्वादिष्ट बाल मिठाई तो पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है ही, साथ ही सेपू बड़ी, बाथू की खीर, सिड्डू, मंडी का 'झोल' मालपूड़े, खट्टा कद्दू, चन्ना मदरा, चिकन अनारदाना और कचालू का सालन जैसे पकवानों के स्वाद आप कभी भूल नहीं पाएँगे।

शिमला के प्रमुख त्यौहार

  • समर फेस्टिवल (Summer festival in Shimla)- मई के महीनें में होने वाले समर फेस्टिवल में कई रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और शहर की कला-संस्कृति को देखने दूर दूर से पर्यटक आते हैं।
  • विंटर फेस्टिवल (Winter Festival in Shimla)- दिसम्बर से फ़रवरी के महीने में पर्यटक एशिया के एकमात्र प्राकृतिक आइस-स्केटिंग रिंग का लुत्फ़ उठाने आ सकते हैं।

इन उत्सवों के अलावा शिमला शहर में भरारा मेला, सीपी मेला, भोज मेला, लावी मेला और रोहरू मेला आदि बहुत धूमधाम से मनाये जाते हैं, इनका मुख्य आकर्षण शिमला का लोक नृत्य "नाटी" (Nati) है।