स्टोन हाउस के बारे में जानकारी - Stone House in Hindi

स्टोन हाउस के बारे में जानकारी - Stone House in Hindi

सुंदर शहर ऊटी को खोजने वाले जॉन सुलिवन ने यहाँ रहने के लिए पत्थरों का घर बनवाया था जो आज स्टोन हाउस (Stone House) के नाम से जाना जाता है। पत्थरों से बने होने के कारण इस बंगले को तोडा जाति के लोग "कल बंगला" कहने लगे। कल का अर्थ तमिल भाषा में पत्थर होता है। स्टोन हाऊस की वास्तुकला सामान्य ब्रिटिश कॉटेज जैसी है।

यह बंग्ला अब ऊटी के गवर्मेंट आर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल का निवास स्थान है। पर्यटक इस घर को केवल बाहर से ही देख सकते हैं, इसके अंदर जाना मना है, लेकिन फिर भी ऊटी के पहले घर को देखने का उत्साह यहाँ एकत्रित पर्यटकों को देखकर लगाया जा सकता है। स्टोन हाऊस के सामने 160 साल पुराना बलूत का पेड़ (Oak Tree) आज भी स्थित है जिसे सुलविन ने बोया था। इस पेड़ को सुलिवन ओक (Sullivan Oak) के नाम से जाना जाता है।

स्टोन हाऊस का इतिहास - History of Stone House in Hindi

सन् 1822 में जॉन सुलिवन ने ऊटी की खोज करने के बाद, इस शहर में रहने के लिए पहले पक्के घर का निर्माण करवाया था। अपने बंगले के निर्माण के लिए सुलिवन ने घने जंगलों की जगह चुनी जहां आसपास फर्न, ऑर्किड, लाइकेन और चीड़ के पेड़ मौजूद थे।

स्टोन हाउस मे क्या देखे -

कहा जाता है कि अपने घर के निर्माण के लिए सुलिवन ने नीलगिरी की पहाड़ियों में सदियों से बसी तोडा प्रजाति से एक रूपये में एक एकड़ जमीन खरीदी थी।

स्टोन हाउस सलाह -

  • स्टोन हाऊस के अंदर जाना मना है

  • अपने साथ अपनी जरूरी दवाईयां रखें

  • ऊटी यदि सर्दियों में जा रहे हैं तो अपने साथ गर्म कपड़े जरूर रखें

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