महाबलीपुरम के बारे में जानकारी - Mahabalipuram in Hindi
तमिल नाडु

महाबलीपुरम के बारे में जानकारी - Mahabalipuram in Hindi

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महाबलीपुरम (Mahabalipuram), भारतीय राज्य तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित एक शहर है। आकर्षक मंदिरों एवं समुद्र-तटों के लिए प्रसिद्ध यह शहर चेन्नई से लगभग 55 से 60 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी के निकट बसा हुआ है। महाबलीपुरम में स्थित अधिकतर स्मारक द्रविड़ वास्तुकला और पल्लव कला के उत्कृष्ट नमूने हैं। यहाँ स्थित अधिकतर मंदिर राजा नरसिंह वर्मन प्रथम और नरसिंह वर्मन द्वितीय के शासन काल में बनाए गए थे। महाबलीपुरम में स्थित मंदिरों की दीवारों पर पौराणिक घटनाओं, देवताओं, जानवरों आदि को बड़े ही सजीव ढंग से चित्रित्र किया गया है। महाबलीपुरम में कई छोटे- बड़े मंदिरों का समूह है जिस कारण इसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। यहाँ होने वाले वार्षिक मामल्लपुरम नृत्य महोत्सव (Mamallapuram Dance Festival) के दौरान दूर -दूर से लोग यहाँ आते हैं।

महाबलीपुरम के बारे मे -

महाबलीपुरम अपने पत्थर और लकड़ी की कलाकृतियों के लिए काफी प्रसिद्ध है, इसके अलावा यहां की दुकानों में ग्रेनाइट मूर्तियां और सेलखड़ी (soapstones) भी बेची जाती हैं। ज्वैलरी के शौक़ीन पर्यटक पर्यटक यहां से सीप (Seashells) से बने गहने भी खरीद सकते हैं।

महाबलीपुरम की यात्रा सुविधाएं -

  • महाबलीपुरम में यात्री बीच के किनारे बैठकर अद्भुद नजारों का तो आनंद उठा सकते हैं लेकिन ध्यान रहे यह स्थान तैरने के लिए सुरक्षित नहीं है

  • पर्यटक अपनी कीमती वस्तुओं का यात्रा के दौरान ध्यान रखें

  • यहां के मंदिरों की अद्भुत वास्तुकला तथा सुंदर दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए पर्यटक कैमरा जरूर लेकर जाएं

  • मंदिरों के इतिहास को जानने के लिए गाइड की सहायता भी ले सकते हैं

महाबलीपुरम का इतिहास -

महाबलीपुरम के इतिहास की बात की जाए तो यह पल्लव वंश के शासन काल के दौरान एक समृद्ध बंदरगाह और शहर था। पहली शताब्दी ई.पू. से आठवीं शताब्दी ईस्वी तक यहाँ पल्लव वंश का शासन रहा था। कहते हैं, इस शहर का नाम सदियों से बदलता रहा है पहले इसका नाम कटलमालई (Katalmalai) था जिसका अर्थ था "पर्वतों और समुद्र के बीच का क्षेत्र" (The land between the mountain and the sea)। इसका दूसरा नाम मामल्लपुरम (Mamallapuram) था जिसका अर्थ "पहलवान की भूमि" (The land of the great wrestler) था क्योंकि यहाँ पर 8वी शताब्दी में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन का शासन था, जो काफी ताकतवर थे। इसका तीसरा और अंतिम नाम महाबलीपुरम है जिसका अर्थ है "महाबली की भूमि" (The land of Mahabali)। 

महाबलीपुरम की सामान्य जानकारी -

  • राज्य -  तमि‍लनाडु

  • स्थानीय भाषाएँ - तमिल, अंग्रेज़ी, हिन्दी

  • स्थानीय परिवहन - साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और बस।

  • पहनावा - तमिलनाडु में रहने वाले पुरुष लुंगी और "अंगवस्त्र" (Angvastra) कही जाने वाली शर्ट पहनते हैं। इसके अलावा यहाँ की महिलाएं साड़ी पहनती हैं जिनमें कांचीपुरम साड़ी सबसे अधिक पसंद की जाती है। इसके अलावा त्यौहारों पर महिलाएं विशेष गहनें पहनती हैं जिसे थलैसामान (Thalaisaamaan) कहा जाता है।

  • खान-पान -  महाबलीपुरम शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन के लिए काफी प्रसिद्ध है परंतु यहाँ का मुख्य भोजन चावल और फलियां हैं। पर्यटकों को यहाँ इडली, डोसा, सांभर, उत्पम, रसम, फिश पुट्टु, कट्टल फिश, क्रैब, बेबी ऑक्टोपस, कीमा वदास जैसे कई स्वादिष्ट भोजन चखने को मिलेंगें। 

महाबलीपुरम कैसे पहुंचें -

  • हवाई मार्ग - By Flight

महाबलीपुरम का नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Chennai International Airport) है। जो शहर से लगभग 58 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हवाई अड्डे से पर्यटक महाबलीपुरम शहर जाने के लिए कैब कर सकते हैं।  

  • रेल मार्ग - By Train

महाबलीपुरम का निकटतम रेलवे स्टेशन चेंगलपट्टू जंक्शन  (Chengalpattu Junction railway station) है जो शहर से करीब 29 किलोमीटर दूर है। यहां से आगे जाने के लिए यात्री बस या टैक्सी ले सकते हैं।

  • सड़क मार्ग - By Road

महाबलीपुरम राज्य के सभी बड़े शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। चेन्नई, पांडिचेरी (Pondicherry) और चेंगलपट्टू(Chengalpattu) और कांचीपुरम से महाबलीपुरम के लिए लगातार बसें चलती रहती हैं।  

महाबलीपुरम घूमने का समय -

महाबलीपुरम घूमने का सबसे उत्तम समय अक्टूबर से मार्च है। इस दौरान महाबलीपुरम का मौसम खुशनुमा होता है।