जोधपुर राजस्थान के बारे में जानकारी - Jodhpur Rajasthan in Hindi
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जोधपुर राजस्थान के बारे में जानकारी - Jodhpur Rajasthan in Hindi

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जोधपुर (Jodhpur), राजस्थान राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जिसकी जनसंख्या 10 लाख से ज्यादा होने पर राज्य का दूसरा 'महानगर' घोषित कर दिया गया है। इस शहर को इसकी अनोखी विशेषताओं के कारण 'सन सिटी (Sun City Jodhpur)' और 'ब्लू सिटी (Blue City Jodhpur)' भी कहा जाता है। जोधपुर, ऐतिहासिक रजवाड़े, मारवाड़ की राजधानी थी, जो थार के रेगिस्तान के बीच कई शानदार महलों, दुर्गों, मंदिरों आदि को आज भी सहेजे हुए है। जोधपुर शहर को राजस्थान का दिल भी कहा है, जहां रंगों, शिष्टाचार, मधुर संगीत, प्राचीन काल की अद्भुत झलकियां साफ देखने को मिलती हैं। राठौड़ वंश के राव जोधा द्वारा स्थापित किया गए इस शहर में मेहरानगढ़ का किला, उम्मैद महल, राव जोधा डेर्जट रॉक पार्क (Rao Jodha Desert Rock Park), जैन महावीर मंदिर (Jain Mahavira Temple) आदि पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। लोनली प्लानेट द्वारा साल 2013 में निकाली गई विश्व के अति विशेष आवास स्थानों (मोस्ट एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी प्लेसेज ऑफ द वर्ल्ड) में, जोधपुर शहर ने पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा यहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सुरक्षा बल, जलसेना और थलसेना का प्रशिक्षण केंद्र भी स्थित हैं। 

जोधपुर के बारे मे -

जोधपुर में खरीददारी एक उत्साहपूर्ण अनुभव है, जहां बंधेज का कपड़ा, चमड़े के उत्पाद, ऊंट की खाल, मखमल आदि से बनी जूतियां, रेशम की दरियां, संगमरमर निर्मित स्मृतिचिन्ह व अन्य चीजें ख़रीदी जा सकती हैं। पर्यटक जोधपुर की मशहूर मोची गली से चमड़े के जूते, रंगीन कपड़े, टाई, घरेलू व सजावटी सामान आदि की खरीद सकते हैं। इसके अलावा जोधपुर स्थित मथानिया की लाल मिर्ची भी बहुत प्रसिद्ध है, जो सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में निर्यात की जाती है।

जोधपुर की यात्रा सुविधाएं -

  • अगर मंदिरों में दर्शन करते समय दान करने की इच्छा प्रकट हो, तो दानपेटी में ही दान दें

  • जोधपुर स्थित स्मारकों का भ्रमण करते समय कैमरा साथ रखें, ताकि यहां बिताए हुए यादगार पलों को कैद किया जा सके

  • जोधपुर की यात्रा से पहले, होटल बुकिंग और यात्रा टिकट सुनिश्चित करें

  • बाजार में खरीदारी या घूमते समय जेबकतरों से सावधान रहें

जोधपुर का इतिहास -

जोधपुर का इतिहास राठौड़ वंश के आसपास ही घूमता है। भारत में जोधपुर की उत्पत्ति का श्रेय, राठौड़ वंश के प्रमुख 'राव जोधा' को जाता है, क्योंकि इन्होंने ही 1459 में जोधपुर शहर स्थापित किया था। इस शहर को पहले मारवाड़ के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में 'राव जोधा' से प्रेरित होकर इसे जोधपुर घोषित किया गया। जोधपुर का इतिहास राठौड़ वंश के आसपास ही घूमता है। भारत में जोधपुर की उत्पत्ति का श्रेय, राठौड़ वंश के प्रमुख 'राव जोधा' को जाता है, क्योंकि इन्होंने ही 1459 में जोधपुर शहर स्थापित किया था। इस शहर को पहले मारवाड़ के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में 'राव जोधा' से प्रेरित होकर इसे जोधपुर घोषित किया गया। जोधपुर के इतिहास में कई उतार चढ़ाव देखने को मिलते हैं, जो कभी मुगलों के पक्षधर रहा तो कभी राठौर वंश के। मारवाड़ (जोधपुर), औरंगज़ेब के अधीन होने के बाद, जयपुर, उदयपुर व अन्य रियासतों ने गठबंधन बनाकर, मुगलों को नियंत्रित रखा लेकिन उत्तराधिकारी और राज्य शासन को लेकर यह गठबंधन टूट गया। ब्रिटिश शासन के दौरान, जोधपुर सभी राजपूताना क्षेत्रों में सबसे बड़ा क्षेत्र रहा, जो 60, 980 वर्ग किमी॰ था। 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो, यह राज्य भारतीय संघ में शामिल हो गया और जोधपुर राजस्थान का दूसरा शहर बन गया।

जोधपुर की सामान्य जानकारी -

  • राज्य - राजस्थान

  • स्थानीय भाषाएं - मारवाड़ी, हिन्दी, राजस्थानी और अंग्रेजी ।

  • स्थानीय परिवहन - टेम्पो, रिक्शा, साइकिल, तांगा, ऑटो, बस।

  • पहनावा - जोधपुर में रंगबिरंगे और कढ़ाईदार कपड़े लोगों की जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। यहाँ की स्थानीय महिलाएं घेरेदार लहंगा और एक प्रकार की लंबी जैकेट पहनती हैं। जबकि यहाँ के पुरुष रंगीन पगड़ियां, कुर्ता- पजामा, शर्ट और ढीली-ढाली पैंट पहनते हैं। इसके अलावा यहाँ पहने जाने वाला 'जोधपुरी कोट' पूरे भारत में मशहूर है।

  • खान-पान - पर्यटक जोधपुर के स्थानीय व्यंजन बहुत चाव से खाते हैं। यहां दही और चीनी से बनी मखनिया लस्सी, मावा कचौड़ी, प्याज की कचौड़ी और मिर्ची बड़ा, दाल भाटी चूरमा, बेसन गट्टा, माल पुआ, घेवर, बेसन की बर्फी आदि का स्वाद लिया जा सकता है।

जोधपुर कैसे पहुंचें -

  • हवाई अड्डा - By Flight

जोधपुर एयरपोर्ट (Jodhpur airport), जोधपुर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है, जो शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ से बस या कार के द्वारा मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।

  • रेल मार्ग - By Train

जोधपुर जंक्शन", यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, तिरुवनंतपुरम, पुणे, कोटा, नागपुर जैसे प्रमुख शहरों से भली भांति जुड़ा हुआ है। 

  • सड़क मार्ग - By Road

जोधपुर शहर, देश के दूसरे बड़े व महत्त्वपूर्ण शहरों से कई राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा जुड़ा हुआ है। सड़कमार्ग से जोधपुर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 65 112 और 114 का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रताप नगर बस स्टैंड और पाओटा बस स्टैंड, यहां के सबसे करीबी बस अड्डे हैं।

जोधपुर घूमने का समय -

जोधपुर उत्तरी भारत का सबसे गर्म शहर है, जहां धूल भरी आंधी, गर्म रेत, गर्म हवाओं को झेल पाना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन बरसात और सर्दियों के मौसम में ये ज्यादा नहीं पर थोड़ा सामान्य रहता है। जोधपुर की जलवायु को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर से मार्च का महीना, यहां की यात्रा के लिए सबसे अच्छा माना जा सकता है।