शिलांग के बारे में जानकारी - Shillong in Hindi
मेघालय

शिलांग के बारे में जानकारी - Shillong in Hindi

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शिलांग (Shillong) मेघालय राज्य में स्थित छोटा लेकिन प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। पूर्व का स्कॉटलैण्ड (Scotland of the East) कहलाया जाने वाला यह शहर खुद में अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता को समेटे हुए है। बारिश के मौसम में यहां मौजूद बहने वाले झरने, करीब 1695 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। शिलांग शहर इतना छोटा है कि पर्यटक चाहें तो इसके मनोहर दृश्यों को पैदल घूमते हुए भी देख सकते हैं। अपने मनमोहक दृश्यों के अलावा तीज- त्यौहार, खान- पान तथा सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी शिलांग काफी प्रसिद्ध है। शिलांग के मुख्य पर्यटन स्थलों (Tourist Places of Shillong) में शिलांग पीक, लेडी हैदरी पार्क, मीठा झरना, हाथी झरना आदि खास हैं। इन सबके अतिरिक्त शिलांग की प्राकृतिक सुंदरता को निहारने के लिए भी पर्यटकों की भीड़ हर वर्ष यहाँ खिंची चली आती है। शिलांग में पर्यटन के साथ यहां हर वर्ष आयोजित होने वाले "शिलांग महोत्सव" का हिस्सा बनकर यात्री यहां के स्थानीय लोगों की संस्कृति व परंपरा को अच्छे से समझ सकते हैं।

शिलांग के बारे मे -

बड़ा बाजार (Barabazar) शिलांग का पुराना बाजार है जहां से पर्यटक बांस और लकड़ी से बने स्थानीय हस्तशिल्प के सामान, तिब्बती कलाकृतियां, शहद, अचार और खासी कपड़े आदि खरीद सकते हैं।

शिलांग की यात्रा सुविधाएं -

  • सर्दियों के मौसम में यदि घूमने का मन बना रहे है तो अपने साथ ऊनी कपड़े रखने बिलकुल न भूलें

  • यात्रा के दौरान अपनी निजी वस्तुओं का पूरा ध्यान रखें

  • फोटोग्राफी के शौकीन पर्यटक यहां कैमरा अपने साथ रखें

  • बरसात के मौसम में अगर शिलांग घूमने का प्लान हो तो रेनकोट या छाता अवश्य साथ रखें

शिलांग का इतिहास -

शिलांग सन 1864 ई. तक केवल एक छोटा गांव था। इसके बाद ब्रिटिश शासन काल में इसका विकास हुआ। आजादी से पहले ब्रिटिश काल में असम के विभाजन से पूर्व शिलांग वहां की राजधानी था। असम के विभाजन के बाद जनवरी 1972 में शिलांग को मेघालय राज्य की राजधानी बना दिया गया।

शिलांग की सामान्य जानकारी -

  • राज्य-  मेघालय 

  • स्थानीय भाषाएँ-  खासी (Khasi), हिंदी और अंग्रेज़ी

  • स्थानीय परिवहन - बस, टैक्सी और कैब 

  • पहनावा - (Local clothing of Shillong)  मेघालय के तीन प्रमुख जनजातियां पाई जाती हैं जिनकी अलग-अलग वेशभूषा और आभूषण हैं। इनमें से खास है "खासी जनजाति (Khasi)। इस समुदाय की महिलाएँ जैनसम और ब्लाउज (Jainsem & Blouse) पहनती हैं। इसके साथ वो एक सूती कपड़े से बना एपरन (Apron) बांधती हैं। खासी जनजाति के पुरुष यहां एक लंबा कोट पहनते हैं जिसे जिमपोंग (Jymphong) कहा जाता है। हालांकि शिलांग में आज पश्चिमी संस्कृति का खासा असर देखने को मिलता है। इस वजह से अब यहां युवाओं ने पश्चिमी पोशाक को अपना लिया है। 

  • खान-पान - (Famous Local Food of Shillong): शिलांग के खाने-पीने में पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह का मेल दिखता है। यहां मांस से बने व्यंजन बेहद पसंद किए जाते हैं। जदोह (Jadoh) जो चावल और सूअर के मांस को मिलाकर बनता है, सूखी मछलियों से बनी डिश तुंगताब (Tungtab) और बिनस से बनी एक खास डिश तरुमबैय (Tarumbai) आदि यहां के लोग बड़े चाव से खाते हैं। इसके अलावा पर्यटक यहां स्वादिष्ट मोमोज का स्वाद भी चख सकते है। यहां के स्थानीय लोग पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्हें सुपारी या कवई (Kwai or Betel Nut) पेश करते हैं। 

शिलांग कैसे पहुंचें -

  • हवाई मार्ग - By Flight

शिलांग का नजदीकी हवाई अड्डा शिलांग एयरपोर्ट (Shillong Airport) है जिसे उमराय एयरपोर्ट (Umrai Airport) भी कहते हैं। यह उमराय में स्थित है जो शिलांग शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से पर्यटक शहर में घूमने के लिए बस व टैक्सी से जा सकते हैं।

  • रेल मार्ग - By Train

शिलांग के सबसे पास गुवाहाटी रेलवे स्टेशन (Guwahati Railway Station) है जो शहर से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रेलवे स्टेशन से बस, टैक्सी आदि की सुविधा से शिलांग तक पहुंचा जा सकता है।  

  • सड़क मार्ग - By Road

मेघालय परिवहन निगम (Meghalaya Transport Corporation) और असम राज्य परिवहन निगम (Assam State Transport Corporation) की बसें गुवाहाटी से शिलांग के बीच चलती हैं। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन (Guwahati railway station) के नजदीक ही मुख्य अंतरराज्यीय बस अड्डा है। जहां से पर्यटक बस लेकर शिलांग आसानी से पहुंच सकते हैं।

शिलांग घूमने का समय -

शिलांग एक ऐसी जगह है जहां साल के किसी भी समय में घूमने जाया जा सकता है। यहां केवल मानसूम के मौसम में ही थोड़ी परेशानी होती है। सितम्बर से मई तक का महीना शिलांग और मेघालय के अन्य भागों की यात्रा के लिए (Best Time to Visit Shillong) सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान बारिश कम होती है तथा मौसम सुहावना बना रहता है। हल्की बारिशों से झरने लगातार बहते रहते हैं। सर्दी के मौसम में यहां हनीमून-कपल्स की खासी भीड़ उमड़ती है। 

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