कन्‍याकुमारी बीच

कन्‍याकुमारी बीच (Kanyakumari Beach)

कन्याकुमारी बीच (Kanyakumari Beach) भारत के प्रसिद्ध और खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक है। कन्याकुमारी समुद्र तट को त्रिवेणी संगम के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मेल होता है। इस समुद्र तट का पानी बेहद साफ है। उगते और डूबते सूरज को देखने के लिए हजारों सैलानी प्रतिदिन यहां आते हैं। कन्याकुमारी समुद्र तट के किनारे बेहद पथरीले हैं जिस कारण तैराकी के लिए यह आदर्श नहीं मानी जाती लेकिन समुद्र के किनारे रेत पर चलना एक शानदार अनुभव होता है। पर्यटक इस समुद्र तट पर बनी दुकानों से सीपियों से बनी मालाएं, सजावटी सामग्री और मोती, शंख आदि समुद्री वस्तुएं यादगार के तौर पर खरीद सकते हैं। इस बीच के आसपास कई दर्शनीय स्थल भी हैं जैसे रॉक मेमोरियल, कन्याकुमारी अम्‍मन मंदिर, सेंट जेवियर चर्च आदि।

कन्याकुमारी समुद्र तट का इतिहास (History of Kanyakumari Beach)

कन्याकुमारी समुद्र तट का इतिहास बेहद प्राचीन है। हिन्दू धर्मग्रंथों के कन्याकुमारी के तट पर ही देवी ने  कन्या रूप में शिवजी को वर के स्वरूप में पाने के लिए तपस्या की थी। मान्यता है कि देवी ने अपनी शादी के लिए जो चीजें इकट्ठा की थी वही बाद में यहां रंग-बिरंगी रेत के रूप में फैल गई। 
अंग्रेजों के शासन काल से ही इस स्थान का इस्तेमाल पर्यटन और समुद्री यातायात के लिए होता आया है। गांधीजी कन्याकुमारी दो बार आए थे और उनकी याद में यहां एक पवित्र स्मारक भी बनाया गया है।

कन्‍याकुमारी बीच मे क्या देखे

कन्याकुमारी बीच की रेत रंग-बिरंगी है। यह बेहद दुर्लभ मानी जाती है। कन्याकुमारी बीच से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बेहद दर्शनीय होता है।

कन्‍याकुमारी बीच सलाह

  • कन्याकुमारी समुद्र तट पर सुबह और शाम के समय काफी भीड़ होती है इसलिए सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ आएं
  • कन्याकुमारी समुद्र तट के किनारे पथरीले हैं जो तैराकी के लिए आदर्श नहीं माने जाते
  • समुद्र तट पर सभी जरूरी हिदायतों का ख्याल रखना चाहिए
  • यात्रा के दौरान अपने साथ जरूरी पहचान पत्र अवश्य रखने चाहिए