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Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर्यटन स्थल Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple Travel Guide

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple)

उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। महाकालेश्वर मंदिर देश के मुख्य बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर का महत्व काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath Temple) की तरह ही माना जाता है। महाकालेश्वर मंदिर की वास्तुकला और इसका इतिहास इसे घूमने की एक बेहतरीन जगह बनाते हैं। महाकालेश्वर मंदिर एक विशाल परिसर में स्थित है जहां अन्य देवी-देवताओं के भी छोटे-बड़े मंदिर है। मंदिर परिसर में एक प्राचीन जल कुंड भी है। महाकालेश्वर मंदिर तीन खंडों में विभाजित है। इस मंदिर में सबसे नीचे श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उसके ऊपर श्री ओंकारेश्वर एवं सबसे ऊपर श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर है।

मंदिर का गर्भगृह भी बेहद सुंदर और वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। यहां माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मोहक प्रतिमाएं हैं। गर्भगृह के सामने एक विशाल कक्ष में नंदी की प्रतिमा स्थापित है जहां बैठकर श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हैं। महाकालेश्वर मंदिर का मुख्य आकर्षण यहां होने वाली "भस्म आरती" (Bhasma Aarti at Mahakaleshwar Temple) है। मान्यता है कि इस भस्म आरती के दर्शन मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। यहां भगवान शिव को चढ़ाई जाने वाली भस्म निरन्तर प्रज्वलित धुनी से तैयार होती है। महाकालेश्वर मंदिर में सावन के महीने के दौरान भगवान महाकाल की शाही सवारी निकाली जाती है। यहां महाशिवरात्रि, नवरात्र और नागपंचमी पर विशेष पूजा की जाती है और मेले लगते हैं। 

मंदिर का इतिहास (History of Mahakaleshwar Temple)

महाकाल मंदिर की स्थापना के विषय में सटीक जानकारी किसी के पास नहीं है। इस मंदिर और यहां स्थित ज्योतिर्लिंग का वर्णन कई पुराणों में किया गया है। स्कंद पुराण और शिव पुराण में इस ज्योतिर्लिंग की पूर्ण व्याख्या की गई है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार "आकाश में तारक लिंग है, पाताल में हाटकेश्वर लिंग है और पृथ्वी पर महाकालेश्वर ही मान्य शिवलिंग है।" कहा जाता है कि आदि काल में अवंतिका क्षेत्र के राजा वृषभसेन भगवान शिव के भक्त थे। उन्हीं की रक्षा करने के लिए भगवान शिव उज्जैन में प्रकट हुए और यहां ज्योतिर्लिग के रूप स्थापित हुए। 

सन 1234 में उज्जैन पर हमले के दौरान सुलतान शमसुद्दीन इल्तुतमिश (Shas-ud-din Iltutmish) ने इस मन्दिर को तुड़वाकर दिया गया था। आज जो मंदिर स्थित है उसे 18वीं शताब्दी में पेशवा बाजीराव के शासनकाल में बनवाया गया था। इसके बाद इस मंदिर में नियमित रूप से विकास कार्य शुरु हुआ। वर्तमान में इस मंदिर का रखरखाव  प्रशासन द्वारा किया जाता है। 

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का नक्शा Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple, Ujjain, Madhya Pradesh Map

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचेंHow to Reach Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर पहुंचने के लिए मध्यप्रदेश के सभी शहरों से बस की सुविधा स्थित है। उज्जैन पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई हड्डा इंदौर में स्थित है जहां से मंदिर की दूरी लगभग 60 किमी है। देश के सभी बडे शहरों से उज्जैन के लिए सीधी ट्रेन मिलती हैं। उज्जैन जंक्शन से महाकालेश्वर मंदिर केवल 1.5 किमी है, यहाँ से ऑटो या रिक्शा द्वारा मंदिर पहुंचा जा सकता है।

ध्यान रखने योग्य बातेंPoints to remember

  •  महाकालेश्वर मंदिर प्रातः 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक खुलता है
  •  भस्म आरती (Bhasma Aarti at Mahakaleshwar Temple) सुबह 04 बजे होती है और श्रावण महीने में सुबह तीन बजे होती है
  •  भस्म आरती में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही आवेदन करना पड़ता है
  •  भस्म आरती में शामिल होने के कुछ नियम (Bhasma Aarti Rules) होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य होता है
  •  भस्मारती के दौरान श्रद्धालु केवल जल ही चढ़ा सकते हैं
  •  भस्मारती के दौरान महिलाओं को पर्दा करना जरूरी माना जाता है
  •  मंदिर में जलाभिषेक या गर्भगृह में पुरुषों को सिर्फ धोती और महिलाओं को साड़ी पहना अनिवार्य है
  •  भस्म आरती के लिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है

रोचक तथ्यInteresting Facts of Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple

बारह ज्योतिर्लिंगों में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ही दक्षिणमुखी है। दक्षिणमुखी होने के कारण तांत्रिक परंपरा में महाकाल की पूजा का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी भाग में बना प्राचीन और चमत्कारी नागचंद्रेश्वर मंदिर वर्ष में केवल एक बार ही सिर्फ नागपंचमी के अवसर पर खोला जाता है। महाकालेश्वर मंदिर में स्थित ज्योतिर्लिग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी स्थापना अपने आप हुई है इसीलिए इसे स्वयंभू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।

उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple at Ujjain) एक अहम मंदिर (Temple) पर्यटन स्थल (Tourist Place, Paryatan Sthal) है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में समय (Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple Timing) का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस लेख (Travel Guide) के माध्यम से यहाँ के इतिहास, कैसे पहुँचें, रोचक तथ्य आदि की जानकारी पर्यटकों की महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा (Ujjain Travel Guide) को पूर्ण करेगी।

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